इमरान हाशमी और शरद केलकर स्टारर नई क्राइम ड्रामा वेब सीरीज Taskaree the Smuggler’s Web आज रिलीज हो चुकी है।इस Series को मशहूर फिल्ममेकर नीरज पांडे ने फ्राइडे स्टोरीटेलर्स के बैनर तले तैयार किया है।अगर आपको सच्ची घटनाओं से प्रेरित,रियलिस्टिक और ग्राउंडेड क्राइम स्टोरीज़ पसंद हैं,तो यह वेब सीरीज आपका ध्यान जरूर खींचेगी।

कहानी:तस्करी की अनदेखी दुनिया की झलक
Taskaree the Smuggler’s Web कुल 7 एपिसोड में फैली एक ऐसी कहानी है,जो स्मगलिंग के उस नेटवर्क को सामने लाती है,जो आम लोगों की नजरों से दूर रहता है।सीरीज दिखाती है,कि कैसे महंगी घड़ियां,ब्रांडेड बैग,सोना,विदेशी करेंसी और नशीले पदार्थ एयरपोर्ट के जरिए एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाए जाते हैं।यह कहानी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहती,बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर फैले एक संगठित अपराध की तस्वीर पेश करती है।
कहानी का फोकस मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात कस्टम्स टीम पर है।इस टीम को लीड करते हैं अर्जुन मीणा (इमरान हाशमी),जो एक ईमानदार और नियमों के पक्के अधिकारी हैं।जांच के दौरान अर्जुन को एहसास होता है कि तस्कर सिस्टम की हर कमजोरी को पहचान चुके हैं।फर्जी दस्तावेज,कोड लैंग्वेज और अंदरूनी लोगों की मदद से वे कानून से हमेशा एक कदम आगे रहते हैं।

दूसरी तरफ,इस नेटवर्क को पर्दे के पीछे से चलाने वाला शख्स है बाबा चौधरी (शरद केलकर)।वह ज्यादा सामने नहीं आता,लेकिन उसके फैसले पूरे खेल की दिशा तय करते हैं।जैसे-जैसे कस्टम्स टीम तस्करों की कमर तोड़ने लगती है,कहानी में टकराव और दबाव बढ़ता चला जाता है।
अभिनय:शांत लेकिन असरदार परफॉर्मेंस
इमरान हाशमी ने अर्जुन मीणा के किरदार को बेहद संयम और गंभीरता के साथ निभाया है।उनका अभिनय चीख-चिल्लाहट से दूर,अंदरूनी मजबूती दिखाता है,जो किरदार को भरोसेमंद बनाता है।शरद केलकर बाबा चौधरी के रोल में बिना ज्यादा डायलॉग के भी खौफ पैदा कर देते हैं।
सपोर्टिंग कास्ट में अमृता खानविलकर,नंदीश सिंह संधू,फ्रेडी दारूवाला और जमील खान जैसे कलाकार कहानी को मजबूती देते हैं।हर किरदार जांच और ऑपरेशन की प्रक्रिया में अपना महत्व रखता है।

निर्देशन और ट्रीटमेंट
नीरज पांडे और राघव एम जैरथ का निर्देशन सीरीज को एक सॉलिड और रियल टोन देता है।यहां बेवजह का एक्शन या मेलोड्रामा नहीं है।जांच की प्रक्रिया को धीरे-धीरे,लेकिन साफ और समझदारी के साथ दिखाया गया है।कुछ एपिसोड स्लो जरूर लग सकते हैं,लेकिन यही स्लो बर्न अप्रोच इसे ज्यादा असली बनाती है।

आखिरी फैसला देखें या नहीं?
कुल मिलाकर तस्करी:द स्मगलर्स वेब एक गंभीर,सच्चाई के करीब और समझदारी से बनाई गई क्राइम वेब सीरीज है।इसमें बड़े-बड़े ट्विस्ट भले न हों,लेकिन इसकी कहानी,माहौल और मजबूत अभिनय इसे देखने लायक बनाते हैं।अगर आप रियलिस्टिक क्राइम ड्रामा और जांच आधारित कहानियों के शौकीन हैं,तो यह सीरीज आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।
Taskaree the Smuggler’s Web के बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं तो Click करें।(Source-Times of India)





